राजस्थान में हाल ही में हुए निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बड़ी जीत हासिल की है। 309 नगर निकायों के 10,245 वार्डों के चुनाव परिणामों में, भाजपा 4,179 वार्डों में विजयी रही, जो सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। वहीं, कांग्रेस 3,613 वार्डों में जीत के साथ दूसरे स्थान पर रही। निर्दलीय उम्मीदवारों ने 2,273 वार्डों में जीत दर्ज की।
जयपुर, कोटा, उदयपुर और भीलवाड़ा नगर निगमों में भाजपा ने बढ़त हासिल करते हुए बोर्ड बनाने की स्थिति मजबूत कर ली है, जहां भाजपा का मेयर बनना लगभग तय है। बीकानेर नगर निगम में कांग्रेस ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। अजमेर, जोधपुर, भरतपुर, अलवर और पाली में किसी भी दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है, जहां निर्दलीय पार्षद निर्णायक भूमिका निभाएंगे। जयपुर नगर निगम में भाजपा ने 78 और कांग्रेस ने 53 सीटों पर कब्जा किया, जबकि 15 वार्डों में निर्दलीय जीते। जोधपुर में भाजपा और कांग्रेस दोनों 44-44 सीटों पर बराबरी पर रहे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान की जनता को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह जीत 'डबल इंजन सरकार' के सुशासन और विकास की नीतियों के साथ जनता के समर्थन का प्रमाण है। उन्होंने इसे 'झूठ के शोर पर सत्य की विजय' बताया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी भाजपा की जीत को प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सुशासन पर जनता के भरोसे के रूप में सराहा।
हालांकि, कुछ दिग्गजों के वार्डों में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा है, जिसमें अशोक गहलोत और सचिन पायलट के वार्ड भी शामिल हैं। वहीं, गजेंद्र शिखावत और मदन राठौर के वार्डों में भी कांग्रेस को सफलता नहीं मिल पाई।
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