ब्रिक्स शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी की बैठकों और कांग्रेस का रुख
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1h ago

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी की बैठकों और कांग्रेस का रुख

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भारत की अध्यक्षता में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई द्विपक्षीय बैठकें कीं, जिनमें रूस और चीन के राष्ट्रपतियों के साथ मुलाकात भी शामिल है। इस दौरान, कांग्रेस ने मोदी-शी जिनपिंग की बैठक पर सवाल उठाए हैं, आरोप लगाया है कि सरकार चीन के प्रति 'समर्पण' जैसा रुख अपना रही है।

पीएम मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के समापन भाषण में समावेशी विकास, लचीलापन और नवाचार पर भारत का दृष्टिकोण प्रस्तुत किया, और कहा कि दुनिया को अब ठोस परिणामों की उम्मीद है। उन्होंने तकनीक और महत्वपूर्ण खनिजों के रणनीतिक उपयोग के खिलाफ चेतावनी दी।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई बैठक को लेकर कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान चीन की कथित भूमिका पर सरकार के रुख को नरम बताया है, और गलवान घाटी झड़प के बाद सरकार द्वारा दी गई 'क्लीन चिट' पर भी सवाल उठाया है। रमेश ने लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में चीन की कथित क्षेत्रीय बढ़त को लेकर भी सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है, साथ ही भारत-चीन व्यापार घाटे के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने पर चिंता जताई है।

शिखर सम्मेलन में, प्रधानमंत्री मोदी की रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ तस्वीरें सामने आईं, जिनमें तीनों नेता सहज और मुस्कुराते हुए दिखाई दिए। ब्रिक्स देशों ने नई दिल्ली घोषणा 2026 को सर्वसम्मति से मंजूर किया, जिसमें व्यापार, आतंकवाद और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे मुद्दों पर साझा रुख शामिल है। भारत 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता करेगा, जिसका थीम 'लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण' है।

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