नेपाल में अचानक आई बाढ़ से अब तक 157 लोगों की मौत हो चुकी है और 750 लोग लापता हैं। रसुवा जिले में बाढ़ के कारण कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे लगभग 400 तीर्थयात्रियों से संपर्क टूट गया है, जिनमें ज्यादातर भारतीय हैं और 93 नेपाली भी शामिल हैं। बाढ़ के कारण गांव के गांव बह गए हैं और प्रभावित क्षेत्रों में मलबे में अपनों को खोजते हुए लोग आपदा की पहली रात गुजार रहे हैं।
बाढ़ रसुवागढ़ी क्षेत्र में आई, जिससे तीर्थयात्रियों का संपर्क टूट गया जो तिब्बत की ओर जाने की तैयारी कर रहे थे। यह घटना बुधवार सुबह हुई। बचाव कार्य जारी है, लेकिन लापता लोगों की संख्या चिंता का विषय बनी हुई है।
बाएं और दाएं दोनों तरह के मीडिया आउटलेट्स ने बाढ़ की गंभीरता पर प्रकाश डाला है, लेकिन तीर्थयात्रियों के संपर्क टूटने पर ध्यान केंद्रित करने के तरीके में अंतर है। कुछ रिपोर्टों में तीर्थयात्रियों की सुरक्षा पर जोर दिया गया है, जबकि अन्य में बचाव कार्यों की चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
फिलहाल, लापता तीर्थयात्रियों की स्थिति और बचाव कार्यों की प्रगति अनिश्चित है। बाढ़ के कारण हुए नुकसान का आकलन अभी भी जारी है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास कार्यों की आवश्यकता है।
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