दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) और राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई) के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। अभाविप ने अध्यक्ष पद के लिए यश डबास, उपाध्यक्ष पद के लिए ईशू मौर्य, सचिव पद के लिए रिया छाबड़ी और संयुक्त सचिव पद के लिए लक्ष्यराज सिंह को प्रत्याशी बनाया है, जिनका मतदान क्रमांक 7-3-3-3 है। अभाविप के प्रत्याशी विभिन्न कॉलेजों में छात्रों से संवाद कर रहे हैं और उनके मुद्दों को समझने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं, एनएसयूआई पर भ्रम फैलाने और वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया जा रहा है। अभाविप के प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा का कहना है कि एनएसयूआई आंतरिक मतभेदों से जूझ रही है और अपने कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय स्थापित करने में असफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि एनएसयूआई सोशल मीडिया पर भ्रम फैला रही है, जबकि अभाविप जमीनी स्तर पर छात्रों के मुद्दों को लेकर सक्रिय है। इसके अतिरिक्त, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के छात्रों की भागीदारी भी इस चुनाव में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, और एनएसयूआई की गतिविधियां भी इस दिशा में केंद्रित हैं।
हमारी समझ यह है कि चुनाव अभाविप और एनएसयूआई के बीच एक तीव्र प्रतिस्पर्धा का रूप ले रहा है, जिसमें अभाविप एनएसयूआई पर नकारात्मक प्रचार करने और आंतरिक रूप से कमजोर होने का आरोप लगा रहा है। अभाविप अपनी जमीनी स्तर की सक्रियता पर जोर दे रहा है, जबकि एनएसयूआई मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के छात्रों को संगठित करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। दोनों संगठनों की रिपोर्टिंग में भिन्नताएं हैं, पंचजन्या अभाविप के पक्ष में और एनडीटीवी हिंदी एनएसयूआई की गतिविधियों को अधिक तटस्थ रूप से प्रस्तुत कर रही है।
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