झांसी में एलएलबी छात्र परवेज की हत्या के मामले में जांच से पता चला है कि ड्रग्स कारोबार से जुड़े लेनदेन में कई पुलिसकर्मी शामिल हो सकते हैं। परवेज के बैंक खातों की जांच में कोतवाली थाने के दो सिपाहियों के साथ ऑनलाइन लेनदेन का मामला सामने आया है, जिनमें से एक सिपाही के खिलाफ पहले से ही लूट का मामला दर्ज है। पुलिस यह जांच कर रही है कि परवेज के साथ लेनदेन ड्रग्स कारोबार से संबंधित था या किसी अन्य कारण से किया गया था। इसके अतिरिक्त, पुलिस को परवेज के डिजिटल वॉलेट में क्रिप्टोकरेंसी सहित डिजिटल मुद्रा मिली है, जिससे हत्या से पहले लेनदेन का पता चला है। इस मामले में प्रेमनगर थाने के सिपाही आशीष सिंह को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जिसके बैंक खातों में परवेज के साथ लगभग दो लाख रुपये का लेनदेन पाया गया है। जांच में यह भी सामने आया है कि परवेज के खाते में विदेशों से संदिग्ध धन प्राप्त हुआ था। पंजाब में नशाखोरी की बढ़ती समस्या के संदर्भ में, अमृतसर में पुलिस एएसआई हरजीत सिंह की हत्या के आरोपी दीपक सिंह के परिवार ने खुलासा किया कि वह नशे का आदी था और पाकिस्तान स्थित आतंकियों के संपर्क में था। आरोपी को पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया, लेकिन उसके एक साथी के फरार होने से जांच जारी है। पटियाला में, एक व्यक्ति ने नशे के खिलाफ वीडियो बनाने के बाद उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए आत्महत्या का प्रयास किया, जिसके बाद सरपंच के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
हमारी समझ यह है कि झांसी में परवेज की हत्या ड्रग्स से जुड़े लेनदेन से जुड़ी हो सकती है, जिसमें पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। जांच में सामने आए वित्तीय लेनदेन और डिजिटल मुद्रा का उपयोग, परवेज के आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने की ओर इशारा करता है। पंजाब में नशाखोरी और आतंकवाद के बीच संबंध की खोज, इस मामले की गंभीरता को और बढ़ा देती है।
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