अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ सीजफायर को समाप्त कर दिया है, जिसके बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका है। यह घोषणा नए हमलों के मद्देनजर आई है, हालांकि इन हमलों के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। इस फैसले से तेहरान के साथ किसी भी तरह की बातचीत की संभावना कम हो गई है, क्योंकि ट्रंप ने इसे समय की बर्बादी बताया है।
सीजफायर खत्म करने का निर्णय ऐसे समय में आया है जब ईरान में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोग जुटे थे। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह भीड़ प्रदर्शन अमेरिका और इजराइल को यह संदेश देने का इरादा रखती है कि चार महीनों तक हमलों के बावजूद ईरान की ताकत कम नहीं हुई है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।
पंचाजण्या ने इस घटनाक्रम पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि ट्रंप ने तेहरान के साथ बातचीत को समय की बर्बादी बताया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि अमेरिका और ईरान के बीच संबंध फिलहाल सुधार की ओर नहीं बढ़ रहे हैं। वहीं, एनडीटीवी हिंदी के अनुसार, ट्रंप ने सीजफायर खत्म करने का बड़ा ऐलान किया है। बीबीसी हिंदी ने खामेनेई के अंतिम संस्कार में उमड़ी भीड़ पर ध्यान केंद्रित करते हुए कहा है कि यह प्रदर्शन ईरान द्वारा अपनी ताकत दिखाने का प्रयास हो सकता है।
बाएं और दाएं विचारधारा वाले आउटलेट्स इस फैसले को अलग-अलग ढंग से देख रहे हैं, लेकिन दोनों ही सहमत हैं कि इससे क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की संभावना है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन ईरान पर अधिकतम दबाव बनाने की रणनीति अपना रहा है, जबकि अन्य का कहना है कि यह निर्णय अमेरिका के घरेलू राजनीतिक कारणों से प्रेरित हो सकता है। फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं है कि सीजफायर खत्म करने के बाद आगे क्या होगा और इससे क्षेत्रीय स्थिरता पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
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