ईरान के केश्म द्वीप पर हमले और ड्रोन गिराने के दावे
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1h ago

ईरान के केश्म द्वीप पर हमले और ड्रोन गिराने के दावे

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Image: Amar Ujala

ईरान के केश्म द्वीप और बंदर लेंगेह में हुए विस्फोटों की खबर सामने आई है, जिसके बाद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिकी ड्रोन गिराने का दावा किया है। अमेरिकी अधिकारियों ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के कुछ ठिकानों पर रक्षात्मक हमले करने की पुष्टि की है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ संभावित समझौते की उम्मीद जताई है।

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के अनुसार, केश्म द्वीप पर पांच धमाके सुने गए और स्थानीय लोगों ने आसमान में दो विमानों को उड़ते हुए देखा। IRGC ने दावा किया है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास तीन अमेरिकी ड्रोन मार गिराए हैं, जिसमें एक MQ-9 सैन्य ड्रोन भी शामिल है। संगठन का कहना है कि यह उसका गिराया गया 55वां MQ-9 ड्रोन है। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की है।

एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के कुछ ठिकानों पर रक्षात्मक हमले किए हैं, जिनमें उन ठिकानों को निशाना बनाया गया जहां से ईरानी अमेरिकी सैन्य संसाधनों पर सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों का इस्तेमाल कर रहे थे।

इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ संभावित समझौते की उम्मीद के चलते कच्चे तेल की कीमतों में करीब 10 डॉलर प्रति बैरल की गिरावट आई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि तेल की कीमतें तेजी से नीचे आ रही हैं, क्योंकि लोगों को लग रहा है कि ईरान के साथ युद्ध नहीं होगा। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रंप से मध्यावधि चुनाव के बाद ईरान पर नई सैन्य कार्रवाई करने का आग्रह किया है, जबकि ट्रंप फिलहाल कूटनीतिक कोशिशों को जारी रखना चाहते हैं।

कहाँ भिन्न हैं

  • amar_ujala ने विस्फोटों और ड्रोन गिराने की घटनाओं पर अधिक विस्तृत जानकारी दी, जबकि panchjanya ने वॉल स्ट्रीट जर्नल के हवाले से अमेरिकी हमलों पर अधिक ध्यान केंद्रित किया।
  • panchjanya ने नेतन्याहू और ट्रंप के बीच हुई बातचीत पर जोर दिया, जिसमें नेतन्याहू ने ईरान पर हमले का आग्रह किया, जबकि amar_ujala ने इस पहलू पर कम ध्यान दिया।

अभी क्या ज्ञात नहीं है

  • विस्फोटों का आधिकारिक कारण अभी तक स्पष्ट नहीं है।
  • अमेरिकी अधिकारियों द्वारा IRGC के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

पृष्ठभूमि

  • ईरान, होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित एक देश है, जो तेल के महत्वपूर्ण शिपिंग मार्गों का नियंत्रण रखता है [background knowledge]।
  • इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ईरान की एक शक्तिशाली सैन्य संस्था है, जो देश की सुरक्षा और विदेश नीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है [background knowledge]।
  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले भी ईरान के साथ तनावपूर्ण संबंधों को लेकर बयान दिए हैं, और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर प्रतिबंध लगाए हैं [Fact Refinery, 2019-05-08]।
  • ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA, देश की आधिकारिक सूचना स्रोत है [background knowledge]।

हमारा आकलन

हमारी समझ यह है कि ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ रहा है, जिसके परिणामस्वरूप होर्मुज जलडमरूमध्य में टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। अमेरिकी हमलों और ईरानी दावों के बीच विरोधाभास स्पष्ट है, और स्थिति अनिश्चित बनी हुई है। राष्ट्रपति ट्रंप की कूटनीतिक कोशिशों के बावजूद, इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू की सैन्य कार्रवाई की मांग से तनाव और बढ़ सकता है।

किस पर नज़र रखें

  • अमेरिकी अधिकारियों द्वारा IRGC के ड्रोन गिराने के दावों की स्वतंत्र पुष्टि, यदि उपलब्ध हो, पर ध्यान दें [अमेरिकी रक्षा विभाग की वेबसाइट]।
  • विस्फोटों के आधिकारिक कारण पर ईरानी सरकार की घोषणा का इंतजार करें [IRNA]।
  • कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव की निगरानी करें, क्योंकि यह ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के स्तर का संकेत दे सकता है [ब्लूमबर्ग]।
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