इसरो ने 4 सितंबर को जीएसएलवी-एफ17 रॉकेट के माध्यम से ईओएस-05 सैटेलाइट को सफलतापूर्वक लॉन्च किया। आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से सुबह 2:55 बजे यह प्रक्षेपण हुआ। यह भारत का पहला जियोसिंक्रोनस कक्षा में काम करने वाला इमेजिंग सैटेलाइट है, जिसका वजन लगभग 2,367 किलोग्राम है। इसरो के अनुसार, ईओएस-05 भारत और आसपास के क्षेत्रों की लगातार विस्तृत तस्वीरें प्रदान करने में सक्षम होगा, जो प्राकृतिक आपदाओं, कृषि, वनों और जल संसाधनों की निगरानी में मदद करेगा। यह सैटेलाइट सब-जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट में स्थापित किया गया है, जहां पृथ्वी से इसकी निकटतम दूरी लगभग 170 किलोमीटर और सबसे दूर 28,934 किलोमीटर होगी। इसके बाद यह अपने इंजन का उपयोग करके जियोसिंक्रोनस कक्षा (पृथ्वी से लगभग 36,000 किलोमीटर ऊपर) तक पहुंचेगा। इसरो प्रमुख डॉ. वी. नारायणन ने बताया कि जीएसएलवी-एफ17 ने ईओएस-05 को सही कक्षा में स्थापित कर दिया है। मिशन डायरेक्टर थॉमस कुरियन के अनुसार, यह जीएसएलवी द्वारा जीटीओ या सब-जीटीओ कक्षा में अब तक का सबसे भारी सैटेलाइट है। यह मिशन 2021 में विफल रहे ईओएस-03 मिशन के बाद का प्रयास है। रॉकेट में 4 मीटर व्यास वाला कंपोजिट पेलोड फेयरिंग इस्तेमाल किया गया था। विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने इस सफल लॉन्च की सराहना की है।
मूल कवरेज पढ़ें
💬 टिप्पणियाँ
📜 टिप्पणी नीति