अभिनेता आमिर खान की तीसरी शादी को लेकर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के एक शाही मौलाना ने 'हराम' करार दिया है। आमिर खान ने हाल ही में गौरी स्प्रैट से निकाह किया, जिसके बाद उनके खिलाफ यह फतवा जारी हुआ है।
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के शाही मौलाना ने इस विवाह को नाजायज और हराम बताया है। उन्होंने कहा कि इस्लाम में एक समय में एक से अधिक पत्नियों की अनुमति तो है, लेकिन तलाकशुदा पत्नी से दोबारा निकाह करने का तरीका सही नहीं है। यह फतवा आमिर खान की निजी जिंदगी पर धार्मिक दृष्टिकोण दर्शाता है।
यह मामला तब सामने आया जब आमिर खान और गौरी स्प्रैट की शादी की खबरें मीडिया में आई। इसके बाद कुछ मुस्लिम संगठनों ने इस विवाह को लेकर आपत्तियां जताईं, जिसके परिणामस्वरूप फतवा जारी किया गया। यह घटना भारतीय समाज में धर्म और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के बीच चल रहे संवाद को उजागर करती है।
यह उल्लेखनीय है कि आमिर खान पहले दो शादियां कर चुके हैं, जिनसे उन्हें बच्चे भी हैं। उनकी पहली शादी रीना दत्ता से हुई थी, जिससे उन्हें दो बच्चे हुए थे। बाद में उन्होंने किरण राव से शादी की, लेकिन यह विवाह भी तलाक में समाप्त हो गया। अब गौरी स्प्रैट के साथ उनका यह तीसरा निकाह विवादों का विषय बन गया है।
इस फतवे के जारी होने के बाद, आमिर खान या उनके परिवार की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह देखना दिलचस्प होगा कि वे इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाते हैं और यह मामला आगे कैसे विकसित होता है। फिलहाल, यह घटना धार्मिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है।
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