हाल ही में भारत के लद्दाख में हानले डार्क स्काई रिजर्व के ऊपर रात के आकाश के दृश्य में जोडीकल लाइट की एक चमकदार पट्टी कैद की गई, जिसे 'मिथ्या भोर' (false dawn) के रूप में भी जाना जाता है। सितंबर में एक स्टार पार्टी के दौरान खगोलीय गोधूलि से ठीक पहले रिकॉर्ड की गई इस छवि में हल्की चमक के बीच बृहस्पति और मंगल दिखाई दे रहे हैं।
लगभग 4,500 मीटर की ऊंचाई पर स्थित हानले डार्क स्काई रिजर्व सितारों को देखने और एस्ट्रोफोटोग्राफी के लिए आदर्श स्थितियां प्रदान करता है। तस्वीर में रात के आकाश में टूटते तारे और खुला तारा समूह M44 भी दिखाई दे रहा है।
नासा के जूनो अंतरिक्ष यान ने अंतरग्रहीय धूल का पता लगाया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि मंगल उस धूल का स्रोत है जो सूर्य के प्रकाश को बिखेरती है और पृथ्वी से दिखाई देने वाली जोडीकल लाइट बनाती है। नासा ने यह भी घोषणा की कि उसकी एस्ट्रोनॉमी पिक्चर ऑफ द डे (APOD) वेबसाइट apod.nasa.gov से science.nasa.gov/apod पर स्थानांतरित हो रही है।
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