स्टार्टअप Smallest.ai ने फोन पर बातचीत के दौरान मनुष्यों से अविभेद्य लगने वाले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बनाने के उद्देश्य से वॉयस मॉडल विकसित करने के लिए 13 मिलियन डॉलर जुटाए हैं।
कंपनी एक अल्ट्रा-फास्ट वॉइस AI बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जिसका लक्ष्य टेलीफोनिक संदर्भ में ट्यूरिंग टेस्ट पास करने में सक्षम AI बनाना है। इस फंडिंग का उपयोग इन वॉयस मॉडलों को परिष्कृत करने और उनकी वास्तविकता को बढ़ाने के लिए किया जाएगा। Smallest.ai का मानना है कि यह तकनीक प्राकृतिक और आकर्षक फोन इंटरैक्शन की आवश्यकता वाली विभिन्न अनुप्रयोगों के लिए महत्वपूर्ण क्षमता रखती है।
स्टार्टअप की महत्वाकांक्षा केवल कार्यात्मक AI आवाजें बनाना नहीं है, बल्कि ऐसी प्रणालियाँ विकसित करना है जिन्हें फोन पर उनके साथ बातचीत करने वालों द्वारा वास्तव में मानव माना जाए। हाइपररियलिस्टिक वॉयस AI का यह पीछा Smallest.ai को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तेजी से भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में अन्य खिलाड़ियों से अलग करता है।
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