लेबनानी निर्देशक करीम कासेम ने कार्लोवी वेरी फिल्म फेस्टिवल में पांच वर्षों में अपनी पाँचवीं फिल्म, 'पाइप्स' का प्रीमियर किया। फिल्म लेबनान में अवैध प्रवासियों द्वारा सामना किए जाने वाले मुद्दों को संबोधित करती है और युद्ध से प्रभावित लोगों की व्यापक तस्वीर पर प्रकाश डालने का प्रयास करती है।
लेबनान के भीतर सामाजिक-राजनीतिक अस्थिरता के बावजूद कासेम एक सक्रिय फिल्म निर्माता बने हुए हैं। उनका नया काम फेस्टिवल में क्रिस्टल ग्लोब के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहा है। “पाइप्स” निर्देशक के अन्य अत्यधिक प्रशंसित कार्यों का अनुसरण करता है, हालांकि स्रोत में विशिष्ट विवरण प्रदान नहीं किए गए थे।
फिल्म विशेष रूप से अवैध प्रवासियों के संघर्षों पर केंद्रित है और कासेम अपनी प्रेरणा बताते हैं: “बहुत सारे लोग युद्ध से प्रभावित हो रहे हैं लेकिन हम पूरी तस्वीर नहीं देखते हैं।” उनका इरादा संघर्ष से प्रभावित लोगों की समझ को आमतौर पर केंद्रित कथाओं से परे तक विस्तृत करना है। प्रीमियर कार्लोवी वेरी फिल्म फेस्टिवल प्रतियोगिता के हिस्से के रूप में हुआ।
हम सत्य को नहीं आंकते। हम पक्षपात हटाकर दिखाते हैं कि किन दृष्टिकोणों ने इस कहानी को कवर किया। आप तय करें।
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