केन्या के एक उच्च न्यायालय ने देश में इबोला क्वारंटाइन सुविधा स्थापित करने की संयुक्त राज्य अमेरिका की योजनाओं को अस्थायी रूप से निलंबित करने का आदेश दिया है। शुक्रवार को आया यह फैसला एक अधिकार समूह द्वारा प्रस्तावित सुविधा को चुनौती देने वाली याचिका दायर करने के बाद आया।
यह सुविधा अमेरिकी सेना द्वारा केन्या के एक वायु सेना बेस पर बनाई गई थी। इसका उद्देश्य लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो में बढ़ते प्रकोप के दौरान इबोला के संपर्क में आए अमेरिकियों को अलग करना था। अदालत के फैसले से पहले शुक्रवार को क्वारंटाइन केंद्र खुलने वाला था।
उच्च न्यायालय ने 'कंजर्वेटरी ऑर्डर्स' [conservatory orders] जारी किए, जो अमेरिकी योजना के तहत केन्या में इबोला से संबंधित किसी भी क्वारंटाइन, आइसोलेशन या उपचार सुविधाओं की स्थापना या संचालन पर अस्थायी रूप से रोक लगाते हैं। अदालत का यह निर्णय उस मुकदमे के बाद आया जिसने स्थल की स्थापना को चुनौती दी थी।
स्वास्थ्य समूहों ने इस योजना का विरोध किया और चिंता व्यक्त की कि इससे घातक वायरस केन्या में आ सकता है। इस खबर को कवर करने वाले कई आउटलेट्स की रिपोर्टों के अनुसार, सुविधा को चुनौती देने वाली याचिका एक अधिकार समूह द्वारा दायर की गई थी।
लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो में इबोला के प्रकोप को बढ़ता हुआ बताया गया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य तैयारियां तेज हो गई हैं। अमेरिकी सेना ने क्षेत्र में अमेरिकी नागरिकों के बीच संभावित जोखिम के मामलों से निपटने के प्रयासों के हिस्से के रूप में इस सुविधा का निर्माण किया था।
29 मई को नैरोबी से रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, अदालत के फैसले ने क्वारंटाइन केंद्र चलाने की अमेरिकी सरकार की क्षमता को अस्थायी रूप से रोक दिया है। यह सुविधा पूर्वी अफ्रीकी राष्ट्र केन्या में स्थित होनी थी।
अदालत का निलंबन आदेश एक अस्थायी उपाय है। आगे की कानूनी कार्यवाही तक कंजर्वेटरी ऑर्डर्स प्रभावी रहेंगे। अधिकार समूह द्वारा अपनी चुनौती में उद्धृत विशिष्ट आधार और बाद की अदालती सुनवाई की समयसीमा उपलब्ध रिपोर्टों में विस्तृत नहीं की गई थी।
अमेरिकी इबोला रोगियों को संयुक्त राज्य अमेरिका ले जाने के बजाय अफ्रीका में ही रखने की अमेरिकी योजना, क्षेत्र में अमेरिकी नागरिकों के बीच संभावित जोखिम के मामलों को संभालने का एक विशिष्ट दृष्टिकोण था। केन्याई अदालत के हस्तक्षेप ने इस योजना के कार्यान्वयन को रोक दिया है।
अदालत के आदेश की अस्थायी प्रकृति यह बताती है कि मामला आगे की कानूनी समीक्षा के अधीन हो सकता है। अमेरिकी सेना द्वारा पहले ही निर्मित इस सुविधा की स्थिति कानूनी चुनौती के समाधान तक अनिश्चित बनी हुई है।
मूल कवरेज पढ़ें
💬 टिप्पणियाँ
📜 टिप्पणी नीति