नासा के क्यूरियोसिटी रोवर ने ‘वैले ग्रांडे’ नामक एक मंगलीय घाटी पर चढ़ते समय मधुकोश जैसी दिखने वाली, बहुभुजीय फ्रैक्चर (polygonal fractures) नामक बनावट का एक क्षेत्र खोजा है। ये ज्यामितीय आकार, जो 1.5 से 3 इंच (4 से 8 सेंटीमीटर) तक मापते हैं, मिशन के दौरान कई बार छोटे-छोटे पैच में देखे गए हैं।
यह खोज तब हुई जब नासा का क्यूरियोसिटी रोवर मंगल ग्रह पर स्थित ‘वैले ग्रांडे’ नामक घाटी पर चढ़ना शुरू किया। रोवर ने असामान्य मधुकोश पैटर्न को दर्शाती तस्वीरें प्रेषित कीं। मिशन वैज्ञानिक इन संरचनाओं से परिचित हैं, जिन्हें बहुभुजीय फ्रैक्चर कहा जाता है।
ये फ्रैक्चर लगभग 1.5 से 3 इंच (4 से 8 सेंटीमीटर) के मापते हैं। हालांकि यह एक नई खोज नहीं है - मिशन ने पहले भी इन ज्यामितीय आकृतियों के छोटे पैच देखे हैं - वर्तमान खोज इन बनावट का एक क्षेत्र दर्शाती है, जो मंगल की सतह पर संभावित रूप से व्यापक घटना का सुझाव देती है।
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