मेरठ में नीले ड्रम हत्याकांड: मुस्कान और साहिल को मौत की सजा
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1h ago

मेरठ में नीले ड्रम हत्याकांड: मुस्कान और साहिल को मौत की सजा

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Image: Ndtv Hindi

मेरठ की एक अदालत ने सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और प्रेमी साहिल शुक्ला को मौत की सजा सुनाई है। मार्च 2025 में सौरभ राजपूत की हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद उनके शव को एक नीले ड्रम में भरकर सीमेंट से बंद कर दिया गया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, मुस्कान और साहिल ने मिलकर सौरभ की हत्या की। अदालत ने 30 सितंबर 2026 को दोनों को दोषी ठहराया था और 14 अक्टूबर को सजा का ऐलान किया। सजा सुनाते समय जज ने महाभारत का उल्लेख करते हुए कहा कि अपराधियों को दंड देना धर्म है। इस मामले में 13 महीने की सुनवाई चली, जिसमें 126 पेशियां हुईं और 22 गवाहों से पूछताछ की गई। सौरभ के भाई राहुल ने कहा कि उन्हें शुरू से ही फांसी की सजा की उम्मीद थी। मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर पति सौरभ की हत्या की थी, जिसके बाद शव को ड्रम में भरकर छिपा दिया गया था। पुलिस ने बताया कि सौरभ लंदन में काम करते थे और फरवरी 2025 में ही वापस लौटे थे।

कहाँ भिन्न हैं

  • aajtak ने हत्याकांड की समयरेखा पर जोर दिया, जिसमें 2016 में हुई शादी से लेकर 2025 में हत्या तक की घटनाओं का विस्तृत विवरण दिया गया है।
  • bbc_hindi ने अभियोजन पक्ष के वकील के बयानों और अदालत की कार्यवाही पर अधिक ध्यान केंद्रित किया, जिसमें सजा सुनाने के दौरान जज की टिप्पणी शामिल है।
  • panchjanya ने सजा के ऐलान पर अधिक जोर दिया और इसे एक महत्वपूर्ण फैसले के रूप में प्रस्तुत किया।
  • ndtv_hindi ने मामले की बुनियादी जानकारी दी और अदालत के फैसले की घोषणा की।

अभी क्या ज्ञात नहीं है

  • मुस्कान की बेटी से मिलने की मांग पर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है कि क्या उसे आखिरकार अपनी बेटी से मिलने की अनुमति दी गई थी।
  • जेल में मुस्कान और साहिल के व्यवहार के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है, जैसे कि उन्होंने रात के खाने और नाश्ते में कितना खाया।

हमारा आकलन

हमारी समझ यह है कि अदालत ने इस मामले को गंभीरता से लिया है, जैसा कि न्यायाधीश द्वारा महाभारत का हवाला देकर स्पष्ट होता है। यह निर्णय, 13 महीनों की लंबी सुनवाई और 22 गवाहों की गवाही के बाद आया है, जो दर्शाता है कि अभियोजन पक्ष ने एक मजबूत मामला प्रस्तुत किया। मीडिया रिपोर्टों से पता चलता है कि यह मामला सार्वजनिक ध्यान का विषय रहा है, खासकर समयरेखा और सजा के विवरण पर जोर देने के साथ।

किस पर नज़र रखें

  • क्या मुस्कान रस्तोगी को अपनी बेटी से मिलने की अनुमति दी जाएगी, इस पर आगे की जानकारी के लिए अदालती दस्तावेजों की जाँच की जा सकती है [अदालत के दस्तावेज]।
  • जेल अधिकारियों से मुस्कान और साहिल के व्यवहार के बारे में विस्तृत जानकारी, जैसे कि उनके भोजन का सेवन, प्राप्त होने की उम्मीद है [जेल प्रशासन]।
  • भविष्य में इस मामले पर कोई अपील दायर की जाती है या नहीं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा [उच्च न्यायालय]।
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