गुजरात सरकार ने पूर्व क्रिकेटर और सांसद यूसुफ पठान को वडोदरा में 978 वर्ग मीटर का एक प्लॉट आवंटित करने की मंजूरी दे दी है। इस ज़मीन की कीमत 20.53 करोड़ रुपये है, जिसमें से 500 वर्ग मीटर ज़मीन पठान को मुफ्त दी जाएगी, जबकि बाकी 478 वर्ग मीटर ज़मीन तय कीमत से 45% कम दाम पर दी जाएगी। यह फैसला एक विशेष मामले के तौर पर लिया गया है और इसे भविष्य में मिसाल के तौर पर नहीं माना जाएगा। पठान ने पहले इस मामले को लेकर गुजरात हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसे बाद में उन्होंने वापस ले लिया था। यह मामला तब शुरू हुआ जब वडोदरा नगर निगम ने पठान पर सरकारी ज़मीन पर अतिक्रमण करने का आरोप लगाया था। दो साल पहले, निगम ने उन्हें इस संबंध में नोटिस भी भेजा था। पठान ने 2024 के लोकसभा चुनाव में टीएमसी के उम्मीदवार के तौर पर पश्चिम बंगाल की बहरामपुर सीट से जीत हासिल की थी, जिसके बाद बीजेपी शासित वडोदरा नगर निगम ने इस प्लॉट को लेकर कार्रवाई शुरू कर दी थी। बीजेपी के पूर्व पार्षद विजय पवार ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को इस संबंध में शिकायत दी थी। राज्य सरकार राजस्व विभाग इस ज़मीन के मूल्य के बराबर दूसरी ज़मीन वडोदरा नगर निगम को मुआवज़े के तौर पर आवंटित करेगा। इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला अगले शुक्रवार को होने वाली नगर निगम की स्थायी समिति और आम सभा की बैठक में लिया जाएगा।
हमारी समझ यह है कि यूसुफ पठान को भूमि आवंटित करने का निर्णय राजनीतिक और कानूनी दोनों तरह से जटिल है। यह स्पष्ट है कि वडोदरा नगर निगम द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद, पठान ने कानूनी रास्ता अपनाया, लेकिन बाद में मामले को वापस ले लिया। अब, राज्य सरकार द्वारा प्लॉट आवंटित करने की मंजूरी, विशेष परिस्थितियों को दर्शाती है, और यह भविष्य में एक मिसाल नहीं बनने वाला है।
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