दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों के साथ कथित मारपीट के मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। हिंदुत्ववादी संगठन हिंदू रक्षा दल के सदस्यों पर मारपीट करने का आरोप है, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और पीड़ितों से संपर्क करने की कोशिश कर रही है।
शनिवार को सोशल मीडिया पर कई वीडियो सामने आए जिनमें कुछ लोग, जिन्होंने खुद को हिंदुत्ववादी संगठनों का सदस्य बताया, प्रदर्शनकारियों को गाली देते और उनके साथ मारपीट करते हुए दिख रहे थे। हिंदू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, जिन्हें पिंकी भैया के नाम से भी जाना जाता है, ने इन वीडियो को साझा करते हुए दावा किया कि वीडियो में मारपीट करते दिख रहे लोग उनके संगठन के सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि उनका संगठन 'कॉकरोच' कहे जाने वाले प्रदर्शनकारियों को ठीक करने की ताकत रखता है।
दिल्ली पुलिस ने रमन सैनी, विवेकानंद उर्फ़ विवेक, कपिल कुमार और रविंदर सिंह उर्फ़ गोविंद हिंदू के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। कमला मार्केट थाने के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि चारों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया है। अधिकारी यह पुष्टि नहीं कर सके कि वीडियो में जिसके साथ मारपीट होती दिख रही है, वह नाबालिग है या नहीं। एफआईआर में भारतीय दंड संहिता की धारा 126, 115 और 130 सहित अन्य संबंधित धाराओं का इस्तेमाल किया गया है।
सोशल मीडिया पर आलोचना के बावजूद, मारपीट के आरोपों का सामना कर रहे लोग अपनी पहचान बताने से पीछे नहीं हटे। अभियुक्त कपिल कुमार और रविंदर सिंह ने एक वीडियो जारी किया जिसमें उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट करने की बात स्वीकार की है। उन्होंने दावा किया कि वे मोदी और दिल्ली पुलिस के समर्थक हैं और उनकी इज्जत बचाने आए थे।
इस बीच, यूट्यूबर ध्रुव राठी ने कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़ने की खबरों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से इस आंदोलन से जुड़े हैं और राजनीति में शामिल नहीं होना चाहते। राठी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और देश की संस्थाओं की स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दों को गंभीर बताया है।
हमारी समझ यह है कि यह घटना एक सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा को दर्शाती है, जिसमें एक हार्ड-राइट संगठन ने कथित तौर पर हस्तक्षेप किया। यह स्पष्ट है कि अभियुक्त अपनी कार्रवाई को सही ठहरा रहे हैं, यह दावा करते हुए कि वे एक विशिष्ट राजनीतिक व्यक्ति और कानून प्रवर्तन का समर्थन कर रहे थे। सोशल मीडिया पर व्यापक आलोचना के बावजूद, उन्होंने अपनी पहचान बताने से इनकार कर दिया और अपनी भूमिका स्वीकार कर ली।
मूल कवरेज पढ़ें
💬 टिप्पणियाँ
📜 टिप्पणी नीति